Thursday, 29 October 2020

छत्तीसगढ़ में रामायण काल

 

   छत्तीसगढ़ में रामायण काल  

 

* इस काल में छत्तीसगढ़ का नाम दक्षिण कोसल  था तथा इसकी राजधानी कुशस्थली  थी। इस समय दक्षिण कोसल की भाषा  कोसली थी। 

 

* वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण के अनुसार , दक्षिण कोसल के राजा भानुमंत की पुत्री कौशल्या  का विवाह उत्तर कोसल के राजा दशरथ से हुआ था  इस प्रकार छत्तीसगढ़ श्रीराम का ननिहाल माना जाता  है। 


* कोसल प्रदेश का  नामकरण  राजा भानुमंत  के पिता महाकोसल के नाम से हुआ  ,ऐसा माना जाता है। 

 * इस काल में  बस्तर का नाम दंडकारण्य  था। 

 

* राज्य में रामायणकालीन  प्रमुख  स्थल सरगुजा ( रामगढ , सीता बेंगरा , लक्ष्मण बेंगरा ) ,  शिवरीनारायण  ( शबरी  का निवास  स्थल ) , तुरतुरिया  वाल्मीकि  आश्रम  ( लव -कुश  का  जन्म स्थान ) , सिहावा  पर्वत  , पंचवटी  ( सीता  का अपहरण  क्षेत्र ) व  दंडकारण्य  ( राम के वनवास  का एक प्रमुख  क्षेत्र ) है। 

 

 




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