Wednesday, 9 September 2020

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक ढाँचा

  

****छत्तीसगढ़  में प्रशासनिक ढाँचा****





* मध्य प्रदेश  से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य  1 नवंबर , 2000  को अस्तित्व  में आया।   छत्तीसगढ़  के निर्माण  के लिए  लोकसभा  द्वारा  31 जुलाई , 2000  को विधेयक  पारित किया गया था।  छत्तीसगढ़  के प्रशासनिक  ढांचे  में विधायिका ,  कार्यपालिका  तथा  न्यायपालिका आते है। 

 

 

       *** विधायिका ****

     * भारतीय संविधान  के अनुच्छेद  168 के अनुसार  प्रत्येक  राज्य  में विधायिका  का प्रावधान  है। 

      * विधायिका  के  अंतर्गत  विधानपरिषद  विधानसभा  को सम्मिलित  किया जाता है। 

 

 

         **** विधानपरिषद *****

    * यह किसी राज्य का उच्च  सदन /स्थायी  सदन होता है ,  किन्तु छत्तीसगढ़  में यह सदन   विद्यमान  नहीं है।

 

 

 

     ***** विधानसभा ****

*  इसे निम्न सदन /अस्थायी सदन / प्रथम  सदन  भी कहा जाता है।  इसका कार्यकाल  5 वर्ष  का होता है।  

* छत्तीसगढ़  की प्रथम  विधानसभा  की बैठक  14 दिसंबर  से  19 दिसंबर  , 2000 को  राजकुमार  कालेज   , रायपुर  में हुई थी।  

* छत्तीसगढ़  की प्रथम  महिला सांसद  मिनीमाता  थी , इन्ही के नाम  पर  विधानसभा  भवन का नाम  मिनीमाता  भवन रखा गया।  छत्तीसगढ़  का  विधानसभा  भवन रायपुर में स्थित है। 

*  विधानसभा  का सदस्य  बनने के लिए व्यक्ति की आयु  25  वर्ष होनी  चाहिए।  विधायक जनता  के  प्रत्यक्ष  प्रतिनिधि  होते है। 

* छत्तीसगढ़  विधानसभा  में निर्धारित  सदस्य  संख्या  91  है।  जिसमे  90 सदस्य  निर्वाचित होते  है तथा  1 सदस्य  को मनोनीत किया जाता है।  

* छत्तीसगढ़  विधानसभा में  सामान्य  वर्ग  के सदस्यों  हेतु  51 , अनुसूचित  जाति  वर्ग  हेतु 10  तथा  अनुसूचित  जनजाति  वर्ग  हेतु  29  स्थान    आरक्षित  है। 

* राज्य के मंत्रियों के वेतन -भत्ते  के संबंध  में निर्णय लेने का अधिकार  विधानसभा  के  पास है। 

 * प्रदेश में  जशपुर  , कांकेर  , बस्तर  तथा दंतेवाड़ा  ऐसे जिले  है , जिनके समस्त  निर्वाचन  क्षेत्र  आरक्षित है। 

*   राजेंद्र  प्रसाद  शुक्ल  छत्तीसगढ़  विधानसभा  के प्रथम  अध्यक्ष थे। 

* बनवारी लाल  अग्रवाल  प्रथम विधानसभा  के उपाध्यक्ष  थे। 

* नन्द  कुमार  सहाय  विधानसभा  के ऐसे   सदस्य थे  , जिन्होंने  संस्कृत में शपथ ली थी। 

 

 

 

    ****  प्रोटेम स्पीकर ****

* विधानसभा  के अध्यक्ष एवं  उपाध्यक्ष  की अनुपस्थिति  में प्रोटेम स्पीकर  सीमित  अवधि के  लिए  सदन की अध्यक्षता करता है। 

* सदन की पहली बैठक में परम्परा के अनुसार  सदन के वरिष्ठ  सदस्य  को प्रोटेम स्पीकर  के रूप में  राज्यपाल  द्वारा नियुक्त किया जाता है , जिसका  मुख्य  कार्य  नवनिर्वाचित विधायकों  को  शपथ  दिलाना होता है। 

* छत्तीसगढ़ के प्रथम विधानसभा  के प्रोटेम  स्पीकर  महेंद्र  बहादुर  सिंह  थे। 

 

 

 

 

    **** कार्यपालिका *****

* राज्यपाल  राज्य की  कार्यपालिका  का कार्यवाही  अध्यक्ष  एवं  संवैधानिक प्रमुख होता है। कार्यपालिका  का वास्तविक प्रमुख  मुख्यमंत्री  होता है।  

*   91  वें  संविधान  संशोधन  , 2003  के अनुसार  ,  छत्तीसगढ़  राज्य  में अधिकतम  13  मंत्री  हो सकते है।  

 

 

 

      ***** राज्यपाल *****

* राज्य  की कार्यपालिका  का प्रमुख  राजयपाल  होता है। राज्य  का प्रशासन  राज्यपाल  द्वारा ही संचालित किया जाता है। 

* राज्यपाल राज्य के मंत्रिपरिषद  की सलाह  पर  कार्य  करता है।  मंत्रिपरिष्द  का उल्लेख  संविधान  के अनुच्छेद  163 में उल्लेख है। 

* राज्य द्वारा  राज्य की  विधानसभा को  सम्बोधित  करने संबंधी  प्रावधान  संविधान के अनुच्छेद  176  में है। 

* राज्यपाल  भारतीय  संविधान  के अनुच्छेद   200  के अंतर्गत  किसी  विषय  को राष्ट्रपति  के  अनुमोदन  के लिए  भेज सकता है। 

* राज्यपाल  पंचायत  की वित्तीय  स्थिति  का  पुनरावलोकन  भारत  के संविधान  के  अनुच्छेद  243 (1 )  के अंतर्गत  करता है। 

* राज्यपाल  की नियुक्ति  अनुच्छेद  155  के तहत  होती है। 

* राज्यपाल  पद  पर नियुक्त  किये जाने वाले  व्यक्ति  में निम्न  योग्यताएं  होना अनिवार्य  है :-

    - वह भारत का  नागरिक  हो। 

    - 35 वर्ष  की आयु  पूरी कर चुका हो। 

    - राज्य  विधानसभा  का सदस्य चुने जाने योग्य  हो। 

 

 

 

     ****  मुख्यमंत्री ****

*  मंत्रिपरिषद  का प्रधान  मुख्यमंत्री  होता है।  

* यह  बहुमत  दल का नेता होता है  और इसकी  नियुक्ति  राज्यपाल  द्वारा  की जाती है। 

* मुख्यमंत्री  पद  की आवश्यक योग्यताएं -  भारत का नागरिक , 25  वर्ष  आयु  और विधानसभा  की सदस्यता  है।  

* मुख्यमंत्री  के कार्य  अनुच्छेद  167  में निर्धारित  है। 

 

 

नोट :-  जिस राज्य  में विधानपरिषद  होती  है , वहां  विधानपरिषद  का सदस्य  भी मुख्यमंत्री हो सकता  है।

 

 

 

 

  *** छत्तीसगढ़ के केंद्रीय प्रशासन  में स्थिति ***

 

* छत्तीसगढ़ में राज्यसभा  एवं  लोकसभा  की कुल  16  संसदीय  सीटे  है।  

* छत्तीसगढ़  में राजयसभा  सीटों  की संख्या  5 है। 

* छत्तीसगढ़  राज्य  में 11  लोकसभा निर्वाचन  क्षेत्र  है।   छत्तीसगढ़  में लोकसभा  में निर्वाचन  क्षेत्र सरगुजा ,   रायगढ़ , जांजगीर -चांपा , बिलासपुर , कोरबा  , रायपुर  , महासमुंद  , कांकेर , बस्तर  , दुर्ग  तथा  राजनांदगांव  है।  इन  निर्वाचित  क्षेत्रो में रायपुर , राजनांदगांव , जांजगीर - चाम्पा  तथा  महासमुंद  अनारक्षित  है। 

* छत्तीसगढ़  में  सामान्य  वर्ग  के लिए  संसदीय  निर्वाचन  क्षेत्र  6  है। 

* राज्य  में एक  संसदीय  क्षेत्र ( जांजगीर - चांपा ) अनुसूचित  जाति के लिए  आरक्षित है  तथा  चार  संसदीय  क्षेत्र  ( सरगुजा , रायगढ़, कांकेर , बस्तर ) अनुसूचित  जनजाति के लिए  आरक्षित  है। 

   

 

    ***न्यायपालिका ****

* संविधान  में उच्च  न्यायालय  का प्रावधान  अनुच्छेद  214  में है।   छत्तीसगढ़  का उच्च  न्यायालय  बिलासपुर  ( बोदरी ) में जिले में स्थित है।   यह देश  का 19  वां  उच्च  न्यायालय  है। 

* बिलासपुर  उच्च  न्यायालय ,  क्षेत्रफल  की दृष्टि  से  एशिया का सबसे बड़ा  उच्च न्यायलय है। 

* छत्तीसगढ़  उच्च न्यायालय  में न्यायधीशो की  कुल संख्या 8  ( 1  मुख्य न्यायधीश  + 7 अन्य  न्यायधीश  )  है।  

*  छत्तीसगढ़  में जनोपयोगी  सेवाओं  के लिए  रायपुर , बिलासपुर , जगदलपुर , अंबिकापुर  और  दुर्ग  में  स्थायी  लोक  अदालतों  का गठन  किया  गया है। 

   *** छत्तीसगढ़ में पुलिस प्रशासन ****

* छत्तीसगढ़  राज्य में पुलिस  प्रशासन  गृह  मंत्रालय  के अधीन  है। 

* छत्तीसगढ़  पुलिस का सर्वोच्च  अधिकारी पुलिस  महानिदेशक गृह  सचिव  के अधीन  होता है। 

*  पुलिस का आदर्श वाक्य  " परित्राणाय साधूनां  " है।  जिसका अर्थ ,सज्जनो को क्लेश से बचाने वाला। 

* छत्तीसगढ़ के प्रथम  पुलिस  महानिदेशक  एस.  मोहन  शुक्ल  थे। 

* छत्तीसगढ़ में पुलिस  प्रशिक्षण   अकादमी  चंद्रखुरी (रायपुर )  में तथा  पुलिस ट्रेनिंग  सेंटर  माना  ( रायपुर )  तथा राजनांदगांव  में है।

 

 

 

  *** जेल प्रशासन ***

* छत्तीसगढ़  में  केंद्रीय  जेलों  की संख्या  5  है   जो अंबिकापुर  , बिलासपुर  , रायपुर  , जगदलपुर  तथा दुर्ग  में है।  

*  छत्तीसगढ़  में जेलों  की संख्या  10  है   तथा उप जेलो  की संख्या  12  है। 

*  छत्तीसगढ़  में जेल  अदालत  रायपुर के प्रति  शनिवार  लगती  है।   रायपुर  जेल  में विडिओ  कांफ्रेंस की सुविधा  उपलब्ध है।  

*  छत्तीसगढ़  की एकमात्र  खुली  जेल  मसगांव ( बस्तर ) है। 

*  जिले में जेल  प्रशासन  का प्रमुख  कलेक्टर  होता है।  

 

 

    **** स्थायी  प्रशासन ****

* 73  वे  संविधान संसोधन  ,  1992  के द्वारा  स्थानीय  स्वशासन /  प्रशासन  का प्रस्ताव  किया  गया।   स्थानीय  प्रशासन  के अंतर्गत  ग्रामीण   एवं  शहरी  स्थानीय  निकाय  आते है।  

* 1  नवंबर , 2000  को छत्तीसगढ़  में  अनुकूलन  आदेश  2001  प्रवृत्त  हुआ।  इसके अंतर्गत  संशोधित  मध्य  प्रदेश  पंचायत राज  अधिनियम ,   1993   का अनुकूलन  कर  पूरे  राज्य  में लागू  किया गया।

 

 

 

 

 *** ग्रामीण  स्थानीय  निकाय ***

* ग्रामीण  स्थानीय  निकायों में  त्रिस्तरीय  प्रशासन  का ढांचा  है।   इसके अंतर्गत  ग्राम  पंचायत  ,  जनपद  पंचायत  और जिला पंचायत  आते है।  

*  ग्रामीण  स्थानीय  निकायों  के  सदस्यो  का  कार्यकाल  5 वर्ष  का होता है।   इन निकायों  में 50 %  सीटे  महिलाओं के लिए आरक्षित है। 

 

 

 

 **** ग्राम  पंचायत  ****

* एक या एक से अधिक  गावों  के सदस्यों  को  मिलाकर  एक ग्राम  पंचायत  का गठन  किया जाता है।   यह  स्थानीय  स्वशासन  की सबसे छोटी  इकाई  है।  

* पंच  , उप -सरपंच  एवं  सरपंच  ग्राम  पंचायत के  पदाधिकारी  होते है। 

*  सरपंच  तथा  पंच का चुनाव  प्रत्यक्ष  रूप  से उप - सरपंच  का चुनाव  अप्रत्यक्ष  रुप  से होता  है।  

 

 

   ***  जनपद  पंचायत ***

 * जनपद पंचायत में  सदस्य  ( प्रत्यक्ष) , अध्यक्ष  ( अप्रत्यक्ष ) एवं  उपाध्यक्ष  ( अप्रत्यक्ष ) होते  है।   प्रत्येक  विकासखंड  में जनपद पंचायत  का गठन  किया जाता है।  

 

 

 

 *** जिला पंचायत  **** 

 * प्रत्येक  जिले में जिला पंचायत  का गठन  किया जाता है।  छत्तीसगढ़  मे  कुल  27  जिला  पंचायते   है।   इसके पदाधिकारियों  में सदस्य  ( प्रत्यक्ष ) , उपाध्यक्ष ( अप्रत्यक्ष ) एवं  अध्यक्ष  ( अप्रत्यक्ष ) होते है।  

 

 

 

***  शहरी  स्थानीय  निकाय  *** 

शहरी  स्थानीय  निकाय  में नगर निगम  , नगरपालिका  एवं  नगर पंचायत  आते है। 

 

 

 

 *** नगर  निगम ****

* छत्तीसगढ़  में नगर  निगम  की संख्या  13  है ,  जिसमे  नए नगर  निगम  धमतरी  , बिरगांव  तथा चरौदा है।  नगर  निगम का  मुख्य  पदाधिकारी  महापौर होता है तथा प्रशासनिक  अधिकारी नगर  निगम  आयुक्त होता  है।

* सर्वाधिक  नगर निगम वाले जिले  - दुर्ग  ( दुर्ग , भिलाई ,चरौदा )  व रायपुर ( रायपुर  , बीरगांव ) है।  

* छत्तीसगढ़  के सबसे  प्राचीन  तथा  नवीनतम  नगर  निगम  क्रमशः  रायपुर  ( 1967 )  व  चरौदा  ( 2016 ) है।   नगरीय  निकाय  को करारोपण  की  शक्ति  राज्य  शासन  प्रदान  करता  है।

 

 

 

  *** नगरपालिका ****

 * इसका  मुख्य  पदाधिकारी  अध्यक्ष  होता है तथा प्रशासनिक  अधिकारी  मुख्य  नगरपालिका  अधिकारी  होता है। 

 

 

 

 *** नगर पंचायत  ****

 *  छत्तीसगढ़  में स्थानीय  निकायों  में महिला  आरक्षण  पहले  33 % था,  किन्तु  अब  50 %  है।  नगर पंचायत  का मुख्य  पदाधिकारी  अध्यक्ष  तथा  प्रशासनिक  अधिकारी  मुख्य  नगर पंचातय   अधिकारी  होता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

  

No comments:

Post a Comment

छत्तीसगढ़ में महाजनपद काल

  छत्तीसगढ़ में महाजनपद काल       * भारतीय इतिहास में छठी शताब्दी ईसा पूर्व का विशेष महत्व है ,  क्योकि  इसी समय से ही भारत का व्यवस्थित इतिह...