Sunday, 23 August 2020

छत्तीसगढ़ ग्रामीण एवं किसानों से संबंधित योजनाएं , Chhattisgarh gramin avm kisano se sambandhit yojnayen, scheme for farmer ,cgpsc

 

      ***छत्तीसगढ़  ग्रामीण  एवं किसानों से संबंधित योजनाएं***

 

ग्रामीण  एवं किसानों  से संबंधित  योजनाओं  का विवरण  निम्न है :-

 

 

* राजीव किसान मितान योजना ---किसानों को खाद , बीज , तकनीकी   उपकरण  , ज्ञान  एवं आर्थिक  सहायता  उपलब्ध  कराने के लिए  इस योजना  को वर्ष  2017 में प्रारम्भ  किया गया है। 

 

 

 * मुख्यमंत्री  श्रमिक  अन्न  सहायता योजना ---यह योजना  राज्य में वर्ष 2017  में प्रारम्भ  की गई थी।  इस योजना  का प्रमुख उद्देश्य  राज्य के असंगठित  क्षेत्रो में  पंजीकृत  मजदूरों को मुफ्त में  भोजन प्रदान करना था।

 

  * सौर  सुजला योजना --- इस योजना का आरम्भ  नवंबर , 2016 में रायपुर  में किया गया था।  इस योजना   के तहत  किसानो  को  काफी  कम कीमत पर सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पम्प प्रदान किए जाते है।  

 

* मौसम आधारित  फसल बीमा योजना ---यह योजना वर्ष 2014  से  राज्य  के समस्त जिलों   में  संचालित  है।   इस योजना का उद्देश्य  मौसम आधारित  फसलों  के लिए  कृषको को बीमा लाभ देना है। 

 

 

* आदर्श  ग्राम  योजना --- यह योजना  वर्ष 2014  में प्रारम्भ की गयी  थी।  राज्य  सरकार  ने रंजना , दुगाली , इचकेला  , कुल्हाड़ी  घाट , कठगोड़ी  एवं ओरछा  को आदर्श  ग्राम के रूप में  विकसित करने का संकल्प लिया है। 

 

* मोचो  बाड़ी  योजना --- किसानों को जैविक  खेती के  माध्यम से  आत्मनिर्भर  बनाने  के लिए  दंतेवाड़ा  जिले  में यह योजना  वर्ष 2014  से चलाई जा रही है।  इसके अंतर्गत  किसानों को  हरी - सब्जियों  की खेती  तथा  धान  की उत्तम  खेती  के लिए  प्रोत्साहित किया जाता है। 

 

 

* कृषक  ज्योति  योजना --- यह योजना  वर्ष  2009  में प्रारम्भ की गई थी।  इस योजना  का उद्देश्य  5 एचपी   तक  के सिंचाई  पम्पो  को बिजली प्रदान करना है।  इसके तहत किसानो को अब  3 से 5  एचपी  के लिए  200 रु.  प्रतिमाह  देने होंगे।  इसके अंतर्गत  किसानो को  5 एचपी  तक के पम्प  पर 75 % का अनुदान  दिया जाता  है।  5 से अधिक  एचपी  क्षमता वाले पम्प  के उपयोग  पर  300 रु.  प्रति  एचपी  का भुगतान करना होगा। 

 

 

* इंदिरा  गाँव  गंगा  योजना --- 19 नवंबर , 2000  से प्रारम्भ  इस योजना का लक्ष्य  प्रदेश के सभी  विद्युतीकृत  ग्रामो  में कम - से -कम  एक समन्वित जलस्त्रोत का संचालन  करना है। 

 

 

* सामुदायिक  निवेश कोष --- राज्य  ग्रामीण  आजीविका  मिशन  के अंतर्गत  सामुदायिक  निवेश  कोष का प्रावधान  स्व - सहायता  समूहों के जीविकोपार्जन  संबंधी  गतिविधि  को  बढ़ावा देने के लिए  प्रारम्भिक  पूँजी  के रूप में किया गया है।  इसके  अंतर्गत  स्व - सहायता समूहों  को सूक्ष्म  ऋण  योजना  50 -70 हजार  रु. तक की  राशि  ऋण के रूप में उपलब्ध  कराई जाती है।  

 

 

* अन्न  बैंक  योजना --- यह योजना समस्त ग्राम पंचायतों  में लागू  की गयी है।   इसके  तहत  निर्धन , अशक्त  तथा बेसहारा लोगो को अन्न  बैंक से  अनाज  उपलब्ध  कराया जाता है।  यह योजना सबसे पहले दुर्ग  जिले  में लागू  की गई थी।

      


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