Sunday, 26 July 2020

छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि विकास प्रयास

 

 

***छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि विकास प्रयास***



छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा  कृषि क्षेत्र में किए गए विकास प्रयासों  का विवरण  निम्न है :-


*** सूरजधारा कार्यक्रम ****

* यह कार्यक्रम वर्ष 2000 में प्रारम्भ  किया गया था। सूरजधारा कार्यक्रम  का उद्देश्य  अलाभकारी  फसलों के स्थान पर उन्नत तिलहन आदि की फसलों का विकास एवं उन्हें प्रोत्साहन देना है।  यह बीज  अदला -बदली  योजना है।  इस कार्यक्रम के लिए 13 जिलों को चुना गया है।  इसके द्वारा  एक हेक्टेयर  तक के किसान को सुविधा मिलती है।  

 

*** किसान  समृद्धि (नलकूप ) योजना ****

* यह योजना वर्ष 2002  में इंदिरा  खेत गंगा योजना के नाम से प्रारम्भ की गई थी।  यह योजना अकाल की स्थिति  से निपटने के लिए 5 जिलों के 25 विकासखंडों में लागू  की गई।  यह योजना अब सभी आदिवासी  विकासखंडों  में भी लागू है।  इस योजना में नलकूप हेतु  अनुदान दिया जाता है।  

* इस योजना के अंतर्गत  अनुसूचित  जाति  एवं जनजाति  वर्ग को 43000 रू ,अन्य पिछड़े वर्ग को 35000 रू  और सामान्य वर्ग को 25000 रु  अनुदान दिए जाते है। 

 

*** किसान  कॉल  सेंटर ****

* यह केंद्र सरकार की योजना है ,जिसे वर्ष 2004 में शुरू  किया गया था। राज्य में इसके माध्यम  से किसान इंदिरा  गांधी  कृषि  विश्वविद्यालय  के कृषि  वैज्ञानिकों  एवं विशेषज्ञों  द्वारा  निः शुल्क  जानकारी  प्राप्त  करते है।  

 

*** शाकंबरी  योजना ****

* यह योजना वर्ष 2005 में प्रारम्भ की गयी थी।  इस योजना में प्राकृतिक  जल संसाधनों  के उपयोग ,कृषि  उत्पादकता  में वृद्धि  के लिए छोटे सीमान्त  कृषको को नल कूप  निर्माण एवं पम्पो पर अनुदान दिया जाता है।  

 

***आत्मा  योजना ****

* यह योजना कृषि से संबंधित है।  इस योजना के अंतर्गत  संचालित स्वायत्तशासी  संस्था  को सीधे  भारत  सरकार से बजट प्राप्त करने की स्वतंत्रता  है।  इस योजना के अंतर्गत  बस्तर  जिले के आदिवासी किसानो द्वारा राज्य की प्रमुख फसलों (कोदो -कुटकी ,सांवा ,रागी  इत्यादि ) को अच्छे  से पैक  कर  देश में विभिन्न  स्थानों पर आयोजित  व्यापार  मेलो में बेचा जाता है।  

*** राष्ट्रीय  खाद्यान  सुरक्षा मिशन ****

* यह केंद्र सरकार की योजना है ,जिसे वर्ष 2007 -08 में शुरू किया गया था।  राज्य में चावल की उत्पादकता बढ़ाने  हेतु  9 जिलों -दंतेवाड़ा  , जांजगीर -चांपा  , जशपुर ,कबीरधाम ,कोरबा ,कोरिया ,रायगढ़, राजनांदगांव  एवं सरगुजा  तथा दलहनी फसलों  की उत्पादकता  बढ़ाने  के लिए 8  जिलों -बिलासपुर ,दुर्ग ,जशपुर ,कबीरधाम ,रायगढ़ ,रायपुर ,सरगुजा  एवं राजनांदगांव  का चयन  किया गया है।  जिससे राज्य में खाद्यान  सुरक्षा मिशन द्वारा लक्ष्य  उन्मुखी  नीतियों  को पूरा किया जा सके। 

 

*** हरित  क्रांति  विस्तार  योजना ****

* यह योजना छत्तीसगढ़ सहित भारत के 6 पूर्वी राज्यों में वर्ष 2010 -11  से लागू  की गयी।  

* यह योजना  राज्य में गैर - राष्ट्रीय  खाद्य  सुरक्षा  मिशन  वाले  8 जिलों -बालोद ,बेमेतरा ,महासमुंद ,दुर्ग ,धमतरी ,नारायणपुर ,कांकेर  व जांजगीर -चांपा  में लागू की गयी है।  इससे फसल उत्पादन में वृद्धि ,कृषि  तकनीक की पहुंच एवं कृषको की आय  में वृद्धि होगी।  

 

*** किसान गुरुकुल ****

 *यह कृषि मंत्री  चंद्रशेखर  साहू द्वारा कांकेर जिला के पंखाजूर  में स्थापित किया गया ,जिसका उद्देश्य  किसानो  को कृषि की उन्नत तकनीकों  और विधियों की जानकारी देना है। 

 

*** किसान शॉपिंग मॉल ****

 * राज्य  में वर्ष 2010 में राजनांदगांव  में किसान  शॉपिंग मॉल खोला गया ,जिसमे  कृषि  खाद ,कृषि  उपकरण  आदि उपलब्ध कराए जाते है।  

*** बैंकिंग सुविधा ****

* किसानो को 0 % की दर से ऋण मिलता है।  राज्य में मौसम  आधारित  फसल  बीमा के अंतर्गत  मक्का ,धान ,अरहर ,मूंगफली ,उड़द ,मूंग , सोयाबीन  की फसले  शामिल है।  

***आदर्श मण्डी ****

* प्रदेश के कुरुद  ,धमतरी ,राजनांदगांव ,कवर्धा  व मुंगेली  में आदर्श  मण्डी की स्थापना की गई है।  

 

 

 

                      


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