Monday, 6 July 2020

छत्तीसगढ़ की पशुपालन विकास परियोजनाएँ , cgpsc

                                                                                             छत्तीसगढ़ की पशुपालन विकास परियोजनाएँ

Animal  husbandry schemes



महत्वपूर्ण पशुपालन विकास  परियोजनाएँ निम्न है  :-

१.   पशुधन विकास परियोजना 

                     यह परियोजना राज्य में अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों में चलाई जाती है।  इसका प्रारम्भ सितंबर ,2000 में हुआ था।  इस परियोजना का उद्देश्य जानवरो के लिए चारा विकास के लिए कार्यक्रमो को प्रोत्साहित देना है।

 

२.    गौ सेवक योजना 

                      सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में जो गौशालाऍ पशु चिकित्सा संस्थाओ से काफी दूर स्थित है ,उनको पशु चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की गई। 

 इस योजना से संबंधित ग्राम के हायर सेकंडरी उत्तीर्ण युवक को पशुओ के प्राथमिक उपचार से संबंधित प्रशिक्षण छमाही स्तर पर विभाग द्वारा दिया जाता है,जिससे रोजगार के साथ साथ ग्रामीण पशुओ को तत्काल प्राथमिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध हो जाती है।    राज्य में गौशालाओ तथा वृद्ध पशुओं की देखभाल हेतु अनुदान प्रदान किया जाता है।  

 

 

३.   पशुमाता  महामारी योजना 

                यह योजना रायपुर ,बस्तर  व बिलासपुर  संभाग में कार्यरत है।  

  

 

४.   एस्काड केंद्र प्रवर्तित योजना 

                  इस योजना का उद्देश्य प्रयोगशालाओ का उन्नयन ,पशुरोग अनुसंधान ,टीकाकरण ,प्रचार -प्रसार और सुदृढ़ीकरण  का कार्य करना है।    

 

५.   पशु रोग नियंत्रण परियोजना 

                   यह परियोजना वर्ष 2002 -03 में शुरू की गई थी।  इस परियोजना में केंद्र और राज्य सरकार की सहभागिता 75 :25 है।   इसके प्रमुख उद्देश्य निम्न है -

पशुरोग 'मुँहपका एवं खुरपका ' बीमारी की रोकथाम एवं टीकाकरण करना है।  पशुओ में होने वाली संक्रामक बीमारी के टीकाकरण के कार्यक्रम आयोजित करना।  पशुरोग अनुसंधान प्रयोगशालाओं का उन्नयन करना।  

 

६.   राष्ट्रीय पशुधन  बीमा योजना 

             भारत सरकार की इस योजना क्रियान्वयन वर्ष 2011 -12 में रायपुर ,दुर्ग ,महासमुंद ,धमतरी तथा राजनांदगांव में किया  गया।  इसका उद्देश्य पशुपालको को उनके उत्पादक गौ - भैंसवंशीय पशु की आकस्मिक मृत्यु से होने वाली क्षति की पूर्ति करना है।   बीमित राशि का 50 %हितग्राही द्वारा तथा 50 %सरकार द्वारा देय होता है।  

 

७.    पशु चिकित्सा परिषद 

             भारतीय पशु चिकित्सा  परिषद अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत राज्य सरकार शासन ने छत्तीसगढ़ राज्य को पशु चिकित्सा परिषद की स्वीकृति प्रदान है।  .परिषद के गठन का उद्देश्य है राज्य में शासकीय ,अर्धशासकीय  उपक्रमों या अशासकीय संस्थानो में कार्यरत पशु चिकित्सको को तकनीकी सहायता उपलब्ध करना। 

 

 

छत्तीसगढ़ में पशु चिकित्सालय  

 चिकित्सालय     -    संख्या 

 

 १.   पशु चिकित्सालय  - 321 

 २.   पशु औषधालय  - 803

 ३.   कृत्रिम गर्भधारण  केंद्र  - 22 

 ४.   पशु जाँच चौकियाँ  - 7 

 ५.   माता महामारी उन्मूलन  योजना  - 5 

 ६.   रोग अनुसंधान प्रयोगशाला  - 18 

 ७.  चल चिकित्सालय  -  27      

             

 

 

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