Wednesday, 29 July 2020

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आंदोलन से सम्बन्धित प्रमुख घटनाएँ

 

****छत्तीसगढ़  में राष्ट्रीय आंदोलन  से सम्बन्धित प्रमुख घटनाएँ****

छत्तीसगढ़ में घटित  राष्ट्रीय आंदोलन से संबंधित  प्रमुख घटनाओ  का विवरण  निम्न है :-

छत्तीसगढ़ में भारतीय  राष्ट्रीय कांग्रेस *****

* वर्ष  1906 में छत्तीसगढ़  में बैरिस्टर  सी.  एम.  ठक्कर  के योगदान  से कांग्रेस  की स्थापना  हुई  और  इस दौरान  पंडित  सुंदरलाल शर्मा  ने कांग्रेस  की सदस्यता  ग्रहण की।  

* वर्ष  1907 में कांग्रेस  के विभाजन  के पश्चात  छत्तीसगढ़  में नर्म दल के नेता , पंडित  सुंदरलाल शर्मा , डॉ. शिवराज  मुंजे  तथा केलकर  थे।  

* गर्म  दल के नेता  माधवराव  सप्रे ,पंडित  रविशंकर शुक्ल  तथा दादासाहेब   खापड़े थे।  

 

 होमरूल आंदोलन, 1916  ******

* छत्तीसगढ़ में  तिलकवादी  होमरूल  आंदोलन सक्रिय रहा।  इसके अंतर्गत  छत्तीसगढ़ में अनेक स्थानों पर होमरूल  लीग  की स्थापना  वर्ष 1916  में की गई। 

* रायपुर  में पंडित रविशंकर शुक्ल ,बिलासपुर में ई. राघवेंद्र  राव ,दुर्ग में  घनश्याम  सिंह  गुप्त  तथा राजनांदगांव में  ठाकुर प्यारेलाल सिंह द्वारा  होमरूल लीग  की स्थापना की गई। 

* वर्ष  1918  में होमरूल  लीग के क्षेत्रीय  सम्मेलन  में बालगंगाधर  तिलक  रायपुर आये थे। 

 

रॉलेट  एक्ट ,1919  ******

 * रॉलेट  एक्ट  वर्ष 1919  में प्रारम्भ  हुआ।  इस एक्ट के विरोध में  बिलासपुर  में ठाकुर   छेदीलाल , ई.  राघवेंद्र राव  व शिव  दुलारे  के नेतृत्व  में काले वस्त्र धारण  कर   रैली  निकाली  गई। 

* राजनांदगांव में प्यारेलाल  सिंह के  नेतृत्व में  इस एक्ट  का विरोध  किया गया।  

 

कंडेल  नहर  सत्याग्रह , 1920  ******

* यह सत्याग्रह  असहयोग आंदोलन का ही भाग  था।  इस आंदोलन  का प्रमुख   केंद्र  धमतरी  का कंडेल ग्राम था।  

* यह सत्याग्रह पंडित  सुंदरलाल शर्मा के नेतृत्व में  जुलाई , 1920 को हुआ।  इस सत्याग्रह का प्रमुख कारण नहर का पानी   उपयोग  के लिए टैक्स देना था।  

* इस सत्याग्रह के अन्य  प्रमुख नेता  नारायण  राव  मेघवाले  व छोटेलाल  श्रीवास्तव   थे।  

* इस सत्याग्रह के समय ही  20 दिसंबर ,1920  को गाँधी  जी ,मौलाना शौकत अली के साथ  प्रथम बार  छत्तीसगढ़ ( रायपुर )  आए थे ,परन्तु  अंग्रेजो ने गाँधी जी के आगमन  से  पहले ही  सिंचाई टैक्स को समाप्त  कर  दिया   था।  

* इस प्रकार यह  सत्याग्रह  छत्तीसगढ़  का प्रथम  सफल  सत्याग्रह  रहा।  

* इस आंदोलन  को छत्तीसगढ़ का बारदोली   भी  कहा जाता है।  

 

 

 

 

 

खिलाफत और छत्तीसगढ़ ,1920  *****

 * छत्तीसगढ़  में भी वर्ष  1920  में रायपुर  जिला कांग्रेस  का सम्मेलन  हुआ  एवं  17 मार्च  को एक  जनसभा हुई , जिसमे खिलाफत  उप - समिति  गठित  की गई थी।  


* इस  समय वर्ष 1920  में बिलासपुर  में जिला  कांग्रेस  का सम्मेलन हुआ , जिसकी  अध्यक्षता  डॉ.  मुंजे  ने की थी।  इसमें खिलाफत  आंदोलन का  समर्थन  किया गया था।  



असहयोग आंदोलन और छत्तीसगढ़ , 1920 -22  ******

* यह आंदोलन  वर्ष  1920 -22  तक चला।  छत्तीसगढ़ में इस आंदोलन  से जुड़े  प्रमुख नायक पंडित रविशंकर  शुक्ल ,पंडित सुंदरलाल शर्मा ,ठाकुर प्यारे लाल सिंह  आदि थे। 

 

* वर्ष 1921 में असहयोग आंदोलन के प्रचार के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद ,सी.  राजगोपालाचारी  एवं सुभद्रा  कुमारी  चौहान छत्तीसगढ़ आये थे।  

* कर न चुकाना ,उपाधियों  का त्याग ,अंग्रेजी शिक्षा का बहिष्कार ,विदेशी  वस्तुओं का बहिष्कार  आदि इस आन्दोलन का प्रमुख प्रस्ताव था।  

*आंदोलन के समय राज्य के वामनराव लाखे ने रायसाहब की उपाधि  त्यागी।  जनता ने इससे प्रभावित होकर उन्हें लोकप्रिय  की उपाधि से सम्मानित किया।  

* वर्ष 1921 में माखन लाल चतुर्वेदी  को अंग्रेजो के विरुद्ध भाषण  देने के कारण गिरफ्तार कर बिलासपुर जेल में बंद किया गया।  यही  पर उन्होंने  " पुष्प की अभिलाषा "  और  " पर्वत  की  अभिलाषा  " नामक पुस्तक की रचना की।  तथा " कर्मवीर " पत्रिका का सम्पादन किया।  

 

* असहयोग  आंदोलन के समय ही छत्तीसगढ़ के रायपुर और धमतरी में वर्ष 1921  एवं  बिलासपुर में वर्ष 1924  में राष्ट्रीय  विद्यालय स्थापित   किए  गए।  

* वर्ष  1921 में पंडित  सुंदरलाल शर्मा ने रायपुर  में  " सत्याग्रह  आश्रम  " की  स्थापना की।  

 

 

छत्तीसगढ़  में जंगल सत्याग्रह , 1922 -30  ********

  *  छत्तीसगढ़ में दमनात्मक  वन कानून का विरोध  किया गया ,जिसे जंगल सत्याग्रह के नाम से जाना गया।  राज्य में जंगल सत्याग्रह असहयोग आंदोलन व सविनय अवज्ञा  आंदोलन का ही भाग थे।  

 

 

 

 

स्वराज पार्टी का गठन , 1923  ******

 

* स्वराज पार्टी का गठन जनवरी , 1923  में छत्तीसगढ़ के रायपुर  में पंडित रविशंकर शुक्ल तथा  शिवदास  डागा द्वारा , बिलासपुर में राघवेंद्र  राव  तथा बैरिस्टर छेदीलाल  द्वारा ,दुर्ग में घनस्याम  सिंह गुप्त  द्वारा  तथा राजनांदगांव  में ठाकुर प्यारेलाल  सिंह द्वारा  किया गया।  

*इस पार्टी का उद्देश्य  प्रांतीय  चुनाव ,लड़कर  विधान मंडलो  में प्रवेश  करना तथा भारतीयों  के  विरुद्ध  पारित होने वाले कानूनों  का विरोध  करना था।  

 

झंडा  सत्याग्रह ,1923  *******

* इस आंदोलन का प्रारम्भ जबलपुर ( मध्य प्रान्त ) से हुआ।  इसका नेतृत्व  बिलासपुर  में क्रांति कुमार  भारती ,धमतरी  में पंडित  सुंदरलाल शर्मा  द्वारा किया गया।  

* इस सत्याग्रह के  अंतर्गत  सत्याग्रही   अपने हाथ में झंडा लेकर  प्रतिबंधित क्षेत्र  में प्रवेश करता था  और बंदी बना लिया जाता था।  

 

 

अछूतोद्धार  कार्यक्रम , 1925  *******

* सुंदरलाल शर्मा  द्वारा  23  नवंबर , 1925  को राजीव  लोचन  मंदिर  के स्थान पर  अछूतो को राम मंदिर में प्रवेश कराया गया।  

 

*  इस कार्य के  सम्पन्न  होने पर  गाँधी जी ने अपने दूसरी  बार छत्तीसगढ़  आगमन पर पंडित सुंदरलाल शर्मा को गुरु की उपाधि   दी।  

 

 

 

छत्तीसगढ़ में गाँधी का पुनः आगमन *****

* गाँधी जी 22 नवंबर, 1933  को पुनः छत्तीसगढ़  आए।  उनका यहां आने का उद्देश्य  हरिजन  उत्थान था।  

*  मीना बेन , ठक्कर  बापा एवं महादेव  देसाई  इस  समय  गांधी के सहयोगी थे।  

* इसी समय छत्तीसगढ़ के  रामदयाल  तिवारी  ( छत्तीसगढ़ के विद्यासागर )  ने गांधी  जी की यात्रा से प्रभावित होकर  गाँधी मीमांसा  नामक  पुस्तक लिखी थी।  

 

 

 

बालोद ( डोंडीलोहरा )   का प्रसिद्द  किसान आंदोलन  ******

*  वर्ष 1937  में बालोद (डोंडीलोहरा ) में हुए  किसान आंदोलन का नेतृत्व  बालोद  के गांधीवाद नेता  श्री  नरसिंह  प्रसाद  अग्रवाल  ने किया था।  

* 28 अगस्त ,1937  को जमींदारों के समक्ष  किसानो  ने मांलीथोड़ी  के बाजार  में आमसभा का आयोजन किया था , जिसमे दीवान के विरुद्ध शिकायते की गई ,किन्तु  उसका कोई  प्रभाव  जमींदार पर नहीं हुआ था।  फलस्वरूप  किसानो ने श्री  अग्रवाल के नेतृत्व में  सत्याग्रह आरम्भ कर दिया  था।  

 

छत्तीसगढ़ में प्रथम निर्वाचन , 1937  *******

* छत्तीसगढ़ में 1935  के अधिनियम के तहत वर्ष 1937 में प्रांतो  के चुनाव हुए।  तत्कालीन छत्तीसगढ़ मध्य प्रान्त  एवं  बरार  का हिस्सा था।  

* इन चुनावों  में रायपुर  से पंडित  रविशंकर शुक्ल ,बिलासपुर से  ई.  राघवेंद्र  राव ,दुर्ग से  घनश्याम सिंह गुप्त  निर्वाचित हुए।  

* 4  जुलाई , 1937  को मध्य  प्रान्त में  मंत्रिमंडल  का गठन किया गया।  जिसमे बी  जी खरे  को मुख्यमंत्री  तथा पंडित रविशंकर शुक्ल को शिक्षा मंत्री बनाया  गया  व घनश्याम सिंह गुप्त को  विधानसभा  अध्यक्ष  बनाया गया।  

* 29  जुलाई, 1938  में बी जी खरे  के त्यागपत्र के बाद  पंडित  रविशंकर  शुक्ल को मुख्यमंत्री तथा ई.राघवेंद्र राव को  मध्य  प्रान्त  का गवर्नर बनाया गया।  

 

 

व्यक्तिगत  सत्याग्रह ,1940   ******

* 27  नवंबर , 1940  को रायपुर  में व्यक्तिगत सत्याग्रह का प्रारम्भ हुआ ,जिसके  प्रथम  व्यक्तिगत सत्याग्रही  पंडित रविशंकर  शुक्ल थे।  इसी  वर्ष  रायपुर  में कांग्रेस भवन का निर्माण किया गया ,जिसका उद्घाटन  वल्लभाई  पटेल ने किया।  

 

 

छत्तीसगढ़ में भारत छोड़ो  आंदोलन ,1942  ******

* यह आंदोलन 8  अगस्त ,1942  को गाँधी जी  " करो या मरो "नारे के साथ प्रारम्भ हुआ।  

* इस आंदोलन के दौरान  मल्कानगिरि  स्टेशन पर छत्तीसगढ़ के शीर्ष  नेताओं  को गिरफ्तार कर  लिया गया।                             

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