Thursday, 30 July 2020

छत्तीसगढ़ में सिंचाई के प्रमुख संसाधन , chhattisgarh me sinchai ke pramukh sansadhan ,cgpsc


*****छत्तीसगढ़ में सिंचाई के प्रमुख संसाधन*****





आर्थिक  सर्वेक्षण  2017 -18  के अनुसार ,राज्य में 1485763 हेक्टेयर  (32 %) शुद्ध सिंचित क्षेत्र पाया जाता है ,जो विभिन साधनो से सिंचित होता है।  छत्तीसगढ़ राज्य के प्रमुख सिंचाई संसाधन  अथवा साधन निम्न प्रकार है  :-

    

  ******नहर ****** 

       * छत्तीसगढ़ में शुद्ध सिंचित क्षेत्र का लगभग 900895  हेक्टेयर  (60 . 64 %)  क्षेत्र  नहरों द्वारा सिंचित किया जा रहा है।  

       * राज्य के मैदानी  भाग में लगभग सभी जिले में सिंचाई  का प्रमुख साधन नहरे  है।  नहर में सर्वाधिक  सिंचाई  जांजगीर -चांपा  में होती है।       

        * जांजगीर -चांपा  व बिलासपुर के अतिरिक्त  धमतरी ,रायपुर  व दुर्ग  में भी नहरों द्वारा सिंचाई होती है।  

 

 

 

 

******* तालाब *****

           * छत्तीसगढ़ के मात्र 41322  हेक्टेयर  (2 . 78 %) क्षेत्र पर तालाबों से सिंचाई  की जाती है।  प्राचीन काल से ही यहां  तालाबों से सिंचाई की जाती है।  

          * इससे  सर्वाधिक  सिंचाई बस्तर संभाग में होती है।  राज्य में सर्वाधिक सिंचाई जशपुर जिले में होती है।  

 

 

 

 

 

*******कुआँ ******

         * छत्तीसगढ़ में 1 . 39 % क्षेत्र  की सिंचाई कुओं  द्वारा की जाती है।  राज्य में कुल 21081  हेक्टेयर क्षेत्र पर कुओं द्वारा सिंचाई की जाती है।  इससे सर्वाधिक सिंचाई दण्डकारण्य  क्षेत्रो में तथा दंतेवाड़ा  जिले में होती है।   

 

 

***** नलकूप  एवं अन्य साधन *****

         * छत्तीसगढ़ के कृषि  क्षेत्र के 29 .98 % क्षेत्र पर नलकूप तथा अन्य साधनो से सिंचाई की जाती है ,जिसका  कुल क्षेत्रफल  522465  हेक्टेयर है।  

        * राज्य  में नहर के बाद सर्वाधिक सिंचाई नलकूप द्वारा होती है।  इससे सर्वाधिक सिंचाई रायगढ़ में होती है।  

 

 

 

 

 

 

*****  टार ****

          *  छत्तीसगढ़ में छोटे नालों पर बांध बनाकर सिंचाई की जाती है ,जिन्हे टार कहते है।  

 

 

 

 

***** जलाशय  ***** 

        जलाशय भी राज्य में सिंचाई का प्रमुख साधन है।  राज्य के प्रमुख जलाशय निम्न प्रकार है  :-

 

 *  तांदुला जलाशय  - 

         इसकी स्थापना वर्ष 1913 में हुई थी।  यह राज्य की प्रथम परियोजना है।  यह परियोजना तांदुला नदी पर निर्मित है ,जो बालोद जिले  में स्थित है। इससे भिलाई स्टील प्लांट  तथा बालोद एवं दुर्ग  जिलों में सिंचाई की पूर्ति की जाती है। इस नदी  पर 753 . 4  मी.  लम्बे एवं 21 . 95 मी.  चौड़े  बांध का निर्माण किया गया है।  

 

 

 

*  सोंढूर  जलाशय -

           इसमें कुल 2025 हेक्टेयर  वन क्षेत्र में से मध्य प्रदेश  सरकार द्वारा वर्ष 1979 में 944  हेक्टेयर  वन  क्षेत्र  की स्वीकृति  दी गयी  थी ,तदनुसार  इस योजना का निर्माण प्रारम्भ किया गया था।  

 

             




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