Monday, 13 July 2020

छत्तीसगढ़ में ऋतुएँ , Wheather of chhattisgarh , mausam , rituye cg

छत्तीसगढ़ में ऋतुएँ 

 

 

 

छत्तीसगढ़ को मौसमी परिवर्तन के आधार पर प्रमुखतः तीन ऋतुओं में बता गया है :-

 

१.      ग्रीष्म ऋतु 

 

*    राज्य में   15 मार्च  से 15 जून  तक ग्रीष्म ऋतु रहती है।  

*   मार्च से तापमान निरंतर बढ़ता वहला जाता है एवं मई में लगभग     सम्पूर्ण  प्रदेश का तापमान 39 से 45  डिग्री सेल्सियस तक हो जाता है।  राज्य में सर्वाधिक तापमान मई माह में होता है।  

 

*  इस समय   मैदानी भाग में तीव्र गर्मी पड़ती है, लेकिन इसके विपरीत प्रदेश के पठारी व  पाट क्षेत्र में गर्मी अपेक्षाकृत कम पड़ती है।  

 

*  प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु के मई - जून  महीनो में गर्म - शुष्क आंधियां चलती है ,जिन्हे लू की संज्ञा दी जाती है।   साधारणतः  यह सूखी ऋतु होती है ,फिर भी प्रदेश में औसत वर्षा  2 . 5  से 12 . 5  सेमी. तक हो जाती है।  

 

 

 

२.     वर्षा  ऋतु 

     

 

  *    छत्तीसगढ़ में वर्षा का आगमन मानसून के साथ होता है ,जो यहाँ सामान्यतः  15 से 20 जून के मध्य पहुँचता है।  वायु में  आर्द्रता  बढ़ने लगती है  तथा तापमान कम होने लगता है।  जून और जुलाई  के तापमान में पर्याप्त अंतर पाया जाता है।  

 

*    यहां का औसत तापमान 20 -35  डिग्री सेल्सियस पाया जाता है। 

 

*   छत्तीसगढ़ राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 125 -150  सेमी. है।  

 

*     प्रदेश में मानसून की वर्षा बंगाल की खाड़ी  तथा अरब सागर  दोनों ही ओर मानसूनी हवाओं से होती है, किन्तु अधिकतम वर्षा बंगाल की खाड़ी के मानसून द्वारा होती है।  तथा कुछ वर्षा चक्रवातों द्वारा  होती है।  

 

*   अबूझमाड़ (नारायणपुर ) की पहाड़ियों में राज्य में सबसे अधिक वर्षा (187 . 5 सेमी. ) होती है,इसलिए इसे छत्तीसगढ़ की चेरापूंजी भी कहते है।  छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे कम वर्षा कवर्धा में होती है।  

 

*   राज्य में मैकाल श्रेणी तथा शिवनाथ के मैदानी  क्षेत्रो  के आस - पास  वृष्टिछाया  के प्रभाव से न्यूनतम वर्षा होती है।  

 

 

 

३.    शीत ऋतु 

  

 

*  इस ऋतु में प्रदेश में सबसे अधिक ठण्ड मैनपाट में पड़ती है ,जबकि मधयवर्ती मैदानी भाग में  अपेक्षाकृत कम ठंडी पड़ती है।  इसलिए मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला  भी कहा जाता है।  

 

*  दिसंबर - जनवरी  का महीना  राज्य के सर्वाधिक ठन्डे महीने है।  यहाँ शीत ऋतु में औसत तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहता है।  

 

*  उत्तरी भाग में शीत ऋतु की अवधि दक्षिणी भाग की तुलना में अधिक होती है।  

 

*   छत्तीसगढ़ में शीत काल में चलने वाली शीत लहर को  स्थानीय भाषा में सुर्रा कहा जाता है।    

 

*    छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक शीतकालीन  वर्षा वाले क्षेत्र जशपुर -पाट ,हसदो - मांड  मैदान , अबूझमाड़ की पहाड़ी ,रायगढ़  बेसिन ,बिलासपुर ,दुर्ग  आदि।  

 

*     पहाड़ी भागो में स्थिर पेंड्रा मैनपाट एवं जशपुर  न्यूनतम तापमान वाले क्षेत्र है।  

 

*    छत्तीसगढ़ में शीतकालीन वर्षा पश्चिमी गर्तों के द्वारा होती है।  

 

  

1 comment:

  1. Nyc collection it is very useful for civil service examination

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