Friday, 26 June 2020

छत्तीसगढ़ : शिक्षा और रोजगार

Education field


१.  पं. रविशंकर  शुक्ल  विश्वविद्धालय ,रायपुर 

           छत्तीसगढ़ अंचल के प्रमुख ऐतिहासिक  एवं संस्कार धानी रायपुर में स्थित पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविधालय  की स्थापना  1 मई ,1964   को हुई।  यह विश्वविद्यालय रायपुर ,दुर्ग ,राजनांदगांव एवं बस्तर अंचल में उच्च शिक्षा के विकास  एवं विस्तार में प्रयत्न शील है , विश्वविद्धालय अध्यापन विभाग में २२  अध्ययन शालाएं हैं एवं 112 संबध्द महाविधालय हैं।  विश्वविद्धालय में पं.सुंदरलाल शर्मा ग्रंथागार नामक समृद्ध ग्रंथालय हैं जहाँ शोध पत्रिकाओ एवं शोध प्रबंधो की सुविधाएं उपलब्ध हैं।   विश्वविद्धालय में अध्ययन हेतु दूर दराज से आये विद्धार्थियों के लिए गांधीजी छात्रावास एवं आजाद छात्रावास क्रमशः  70 एवं 56  सीटों का वि. वि. परिसर के अंदर है एवं 124 सीटों का महिला छात्रावास भी है वि. वि. परिसर के भीतर निर्मित हैं।    

 

 

२. छत्तीसगढ़ महाविद्यालय , रायपुर 

          

                   अंचल का प्रथम महाविद्धालय ,शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहने का श्रेय प्राप्त है।  इस महाविद्यालय की स्थापना स्व.   जे. योगानंदम  जी के द्वारा 1938 में की गई। 

 

 

३.  इंदिरागांधी कृषि  विश्वविद्धालय ,रायपुर 

               छत्तीसगढ़ की क्रिया शील जनसंख्या का 85 कृषि से ही अपना जीवन यापन कर  रही है।  कृषि कार्य  पूर्व में अनुभव एवं अनुमान के आधार से ही पूर्ण किये जाते थे।  इससे लाभ कम होता था।  छत्तीसगढ़ में समय के साथ जागरूकता आयी और शासन ने भी इस ओर पर्याप्त ध्यान दिया।  परिणाम स्वरुप कृषि शिक्षा की आवश्यकता को ध्यान में रखकर छत्त्तीसगढ़ के रायपुर शहर में 20 जनवरी , 1987 को कृषि विश्वविधालय की स्थापना की गयी।  

 

 

४.   गुरु घासीदास  विश्वविधालय , बिलासपुर 

            

                    आदिवासी  बहुल क्षेत्र बिलासपुर संभाग में शिक्षा के विकास हेतु विश्वविद्धालय  की आवश्यकता लम्बे समय से महसूस की जा रही थी। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप 16 जून ,1983 को बिलासपुर में विश्वविद्यालय  की स्थापना की गयी।  विश्वविद्धालय का नामकरण छत्तीसगढ़ के प्रसिद्द संत पूर्व सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु घासीदास के नाम पर किया गया।  यह विश्वविद्धालय बिलासपुर से 5 किमी. दूर कोनी  नामक ग्राम के समीप 1000 एकड़ में फैला हुआ है।  

 

५.  इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय , खैरागढ़ 

                                     

                            छत्तीसगढ़ में इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ न केवल भारत वरन एशिया में अपनी तरह का इकलौता विश्वविद्धालय है।  जो संगीत एवं ललित कलाओ की शिक्षा के प्रसार के लिए कार्य कर रहा हैं। राजनांदगांव जिले से 40 किमी, दूर खैरागढ़ विश्वविद्यालय की स्थापना 14 अक्टूबर ,1956 को हुई ,जिसका उद्घाटन श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा किया गया।  विश्वविद्यालय का नामकरण खैरागढ़ के राजा वीरेंदर बहादुर सिंह विश्व की संगीत प्रेमी पुत्री इंदिरा के नाम पर रखा गया हैं।  विश्वविद्यालय कार्य क्षेत्र पुरे भारत में फैला हुआ हैं।  इसके अंतर्गत कुल 38 महाविद्यालय आते हैं।  

 

 

६.  पं. जवाहरलाल नेहरू  मेडिकल कालेज ,रायपुर 

     

                  साथ में स्थित पं. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय है जिसके साथ ही 400 बिस्तर वाला मेकाहारा अस्पताल स्थित है।  इस चिकित्सा महाविद्यालय में स्थित एनाटॉमी ,पैथालाजी , फार्माकॉलजी ,रेडिओ  थेरेपिस्ट ,सर्जरी आदि विभाग कार्यरत हैं।  न्यूरोसर्जरी विभाग भी इस महाविद्यालय में कार्यरत हैं।  बिलासपुर में भी छत्तीसगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित है। 

 

७.   दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय ,रायपुर 

 

                   इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्धालय की स्थापना 1987 में हुई थी।  14 नवंबर में छत्तीसगढ़ को पुरे प्रदेश का एकमात्र तथा देश का छठा दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की सौगात प्राप्त हो चुकी है।  यह महाविद्यालय रायपुर से 6 किमी. दूर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 6 पर स्थित है।  महाविद्यालय में डेयरी विज्ञान के चार वर्षीय पाठ्यक्रम है।  यहा  से उत्तीर्ण होने के पश्चात विद्यार्थीयो  को बी. टेक. की स्नातक उपाधि दी जाती है।  महाविद्यालय में छात्र -छात्राओं  हेतु छात्रावास  की सुविधा भी उपलब्ध है।  

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